आशापूर्णा ओपन माइक

वतन से मोहब्बत तो वो इस कदर निभा गए| आजकल युवा इश्क और प्रेम में डूबे हैं और मोबाइल पर घंटों चेटिंग में लगे रहते हैं लेकिन रजियार को यहां मोबाइल देख अपनी रचनाएं सुनाते इन युवाओं का अंदाज ही कुछ और था। हंसी-ठहाकों के बीच मासूमियत के साथ उन्होंने बेबाकी दिखाते हुए उन्होंने श्रोताओं में देशभक्ति का जोश जगाया और किसानों को भूख पर चिंता में डाला। आशापूर्णा माँल में रबियार शाम आयोजित हुए सिटी भास्कर ओपन माइक में मंच से कविताएं उतरीं, नगमे गूंजे किस्से और मन ली कली गईं। हमले शुरुआत जिज्ञासा राठी ने पुलबामा पर लिखी अपनी इस रचना से की उस दिन शेर गिरे इस धरती पर, धरती मां हल गया/उनके खून की हर बंद को मां ‘ने शहीद नाम दिया/ किसी सुहगन का सिंदूर छीना तो किसी मां का आंचल खूना कर दिया/मगर बतन से मोहब्बत तो वो इस कदर निभा गए कि मोहब्बत के दिन ही जान निसार कर गए…।’ इस पर श्रोताओं ने भारत माता की जय के खूब नारे लगाए। इस मंच पर कप व5 कलाकारों को अपनी रचनाएं पेश करने का मौका दिया गया। इवेंट को होस्ट कर रहीं माय एफएम आएजे नैनी ने अगली परफॉर्मेंस के लिए इनवाइट किया शहर की पहली फीमेल श्रीट बॉक्सर स्नेहल जीरवानी को। स्नेहल ने सिंगर डिंपल जानसारी के साथ ऐसी ताल /मिलाई .कि श्रोताओं” हटिंग और तालियाँ गुज” कर” कमर..:’, “चुरा लिया है तुमने जो दिल को…’ और ताल से ताल मिला…’ के साथ दोनों में एक के थाद एक बिना रुके कई सॉन्सस सुना डाले। इन दो परफॉर्मेंसेज के साथ ही मॉल में अच्छा खासा माहौल बन चुका था।

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